सारांश
Companies (Listing of Equity Instruments in Permissible Jurisdictions) Amendment Rules, 2026 के तहत अब केवल इक्विटी ही नहीं, बल्कि CCD और प्रेफरेंस शेयर भी अनुमत विदेशी एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकेंगे। नकारात्मक नेट वर्थ वाली कंपनियां भी लिस्ट हो सकती हैं, बशर्ते नेट ऑफर का कम से कम 75% QIB को जाए, और ऋण डिफ़ॉल्ट ठीक होने के बाद की कूलिंग-ऑफ अवधि दो वर्ष से घटाकर छह महीने कर दी गई है।
आपके लिए इसका मतलब
GIFT IFSC या विदेश में लिस्टिंग की योजना बना रहे स्टार्टअप और घाटे वाली अनलिस्टेड कंपनियों को अपनी पात्रता दोबारा जांचनी चाहिए और उसी अनुसार इंस्ट्रूमेंट मिक्स की योजना बनानी चाहिए।
मूल स्रोत पढ़ें अंग्रेज़ी में पढ़ें
यह हमारे अंग्रेज़ी सारांश का अनुवाद है। कोई अंतर होने पर अंग्रेज़ी संस्करण मान्य होगा।
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